Tehri Garhwal: टिहरी गढ़वाल के नरेन्द्रनगर कोतवाली क्षेत्र में बंद मकान का ताला तोड़कर सोने के आभूषण चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली नरेन्द्रनगर पुलिस और CIU टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को चोरी किए गए आभूषणों समेत गिरफ्तार किया है। वहीं, घटना में शामिल तीसरा आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। उसकी तलाश में टिहरी पुलिस की एक टीम जम्मू रवाना की गई है।
पुलिस के अनुसार, घटना के खुलासे के लिए टिहरी गढ़वाल, ऋषिकेश, रानीपोखरी, देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सहारनपुर, अंबाला, यमुनानगर, सोलन, हल्द्वानी समेत विभिन्न स्थानों के 1100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
दरअसल, 4 सितंबर 2026 को वार्ड नंबर-2, दीवान लॉज, नरेन्द्रनगर निवासी सौरभ धमान्दा ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनके बंद मकान का ताला तोड़कर घर में रखे सोने के आभूषण चोरी कर लिए हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 25/2026 के तहत धारा 305(A) और 331(3) BNS में मामला दर्ज किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया। विवेचना उप निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह नेगी, चौकी प्रभारी प्लास्डा द्वारा शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गतिविधियों का भी बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच में चोरी की घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान हुई। पुलिस के पीछा करने पर आरोपी उक्त मोटरसाइकिल को ऋषिकेश के नटराज चौक के पास छोड़कर फरार हो गए थे। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शहनवाज, जाहिद उर्फ अतीक और मौ. रफीक की पहचान की।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी पूर्व में भी चोरी की घटनाओं में जेल जा चुके हैं। पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान 20 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी नटराज चौक के पास छोड़ी गई मोटरसाइकिल को लेने आने वाले हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर फ्लाईओवर के पास वन विभाग चौकी के समीप घेराबंदी की। रात करीब 7:50 बजे पुलिस ने शहनवाज और जाहिद उर्फ अतीक को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए आभूषणों की शत-प्रतिशत बरामदगी का दावा किया है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) BNS की बढ़ोतरी की गई है।
पूछताछ में सामने आया चोरी का तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 1 सितंबर 2026 को धर्मपुर, सोलन (हिमाचल प्रदेश) से मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके बाद वे चोरी की मोटरसाइकिल से चंडीगढ़, हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे। ऋषिकेश क्षेत्र में रेकी करने के बाद 4 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे रानीपोखरी के जंगल वाले रास्ते से नरेन्द्रनगर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में हो रही तेज बारिश और घने कोहरे का फायदा उठाकर आरोपियों ने एक बंद मकान का ताला तोड़ा और वहां रखे सोने के आभूषण चोरी कर लिए। इसके बाद चोरी का माल बेचने के लिए वे हरिद्वार, सहारनपुर, अंबाला, चंडीगढ़, जयपुर, मुंबई, दिल्ली, हल्द्वानी और नैनीताल समेत कई स्थानों पर गए। हालांकि, उचित कीमत नहीं मिलने के कारण वे आभूषण बेच नहीं सके।
चोरी के आभूषण बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से पीली धातु के एक गले के हार, एक जोड़ी कान के सूई-धागा, मांग टीका, महिला अंगूठी, नाक की नथ, तीन मंगलसूत्र, एक जोड़ी कान के झुमके और एक जोड़ी कान के कुण्डल बरामद किए गए हैं।
इसके अलावा सोलन से चोरी की गई मोटरसाइकिल तथा घटना के समय आरोपियों द्वारा पहनी गई लाल रंग की टोपी और काली रंग की Puma अंकित टी-शर्ट भी बरामद की गई है।
तीसरा आरोपी फरार, जम्मू भेजी गई पुलिस टीम
घटना में शामिल तीसरा आरोपी मौ. रफीक अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस के अनुसार उसके जम्मू की ओर भागने की जानकारी मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टिहरी पुलिस की विशेष टीम जम्मू रवाना की गई है।
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, देहरादून और टिहरी गढ़वाल में पूर्व से कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटाने के साथ ही अन्य चोरी की घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।





