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रिफॉर्म उत्सव में रंभा रिवर के पुनरुद्धार पर जोर, प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन

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ऋषिकेश-(प्रदीप शाह) नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को ऋषिकेश में ‘रिफॉर्म उत्सव’ का आयोजन किया गया। नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शहरी नदी प्रबंधन योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान रंभा रिवर के पुनरुद्धार को प्राथमिकता देते हुए नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के उपमहानिदेशक नलिन श्रीवास्तव, निदेशक धीरज जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में कहा गया कि नदी प्रबंधन के लिए तैयार की जाने वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई देना चाहिए। रंभा रिवर को शहरी नदी प्रबंधन योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल करते हुए इसके पुनरुद्धार के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि रंभा रिवर का पुनर्जीवन ऋषिकेश में नदी संरक्षण की दिशा में एक मॉडल पहल बन सकता है, जिससे उत्तराखंड में नदियों के संरक्षण और उनके प्रति जन आस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम के दूसरे चरण में लक्कड़घाट स्थित नमामि गंगे परियोजना के तहत निर्मित 26 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इसमें एसएमसीजी में सूचीबद्ध शिक्षण संस्थानों श्री देव सुमन विश्वविद्यालय और हैप्पी मॉन्टेसरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

एसएमसीजी के तकनीकी सलाहकार एसके वर्मा ने मुख्य अतिथि नलिन श्रीवास्तव और धीरज जोशी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को सीवेज शोधन की प्रक्रिया, एसटीपी की कार्यप्रणाली और गंगा नदी को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन जल प्रदूषण को कम करने के साथ ही नदियों के पर्यावरणीय संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।एनएमसीजी के उपमहानिदेशक नलिन श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को नमामि गंगे परियोजना के उद्देश्यों और गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने ‘रिफॉर्म उत्सव’ के महत्व से भी अवगत कराया। इस दौरान एसटीपी की निगरानी के लिए विकसित ‘गंगा प्लस पोर्टल’ की उपयोगिता और कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जल संरक्षण, नदी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इसके माध्यम से नदी प्रबंधन योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता और विभागीय समन्वय को बढ़ावा देने के साथ ही नदियों के संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में नगर निगम ऋषिकेश के म्युनिसिपल कमिश्नर विजय नाथ शुक्ला, संजीव कुमार वर्मा, धर्मेंद्र प्रसाद कुकरेती और अशोक सिंह सहित सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। एसएमसीजी की ओर से रोहित जयाड़ा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, संदीप उनियाल, दुर्गा प्रसाद, जिला परियोजना अधिकारी रविकांत पांडे और प्रियंका चौहान सहित एसटीपी के कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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