देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदलने जा रहा है। सर्दियों की विदाई के बीच लौट रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने राज्य के मौसम में अचानक बदलाव ला दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने प्रदेश के ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों में आगामी दिनों के लिए बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, जिससे राज्य में एक बार फिर से ठिठुरन बढ़ने की संभावना है।
मैदानी इलाकों में शुष्क रहा मौसम, दून में गिरी बूंदें
पिछले कुछ दिनों की बात करें तो राज्य के अधिकांश हिस्सों, विशेषकर मैदानी जनपदों (जैसे हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर) में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा। हालांकि, राजधानी देहरादून और इसके आसपास के इलाकों में सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। इसके बाद दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं के चलने से मैदानी इलाकों के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को हल्की सर्दी का अहसास हुआ।
IMD का ताजा अलर्ट: सक्रिय हो रहा है ‘पश्चिमी विक्षोभ’
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 22 फरवरी से 24 फरवरी के बीच हिमालयी क्षेत्र में एक नया और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इन 5 जिलों में बर्फबारी की सबसे अधिक संभावना
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर राज्य के 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पड़ेगा। जिन जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है, वे हैं: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़। इन जिलों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ बर्फबारी (Snowfall) होने की पूरी संभावना है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित मुनस्यारी के ऊपरी इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछ सकती है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह
पहाड़ों पर होने वाली इस संभावित बर्फबारी से जहां एक ओर पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिलने की उम्मीद है, वहीं स्थानीय प्रशासन ने यात्रा कर रहे लोगों और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे जा सकता है, इसलिए गर्म कपड़े साथ रखने और मौसम का अपडेट लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।


