उत्तराखंड UCC अपडेट: ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल की फाइनल टेस्टिंग शुरू

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देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC – Uniform Civil Code) को पूरी तरह से धरातल पर उतारने की कवायद अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। धामी सरकार जल्द ही राज्य में UCC को पूर्ण रूप से लागू करने जा रही है। इस कानून के तहत सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहे ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ (Live-in Relationship) के अनिवार्य पंजीकरण के लिए सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा विशेष वेब पोर्टल अब लगभग बनकर तैयार है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग ने आज से इस पोर्टल की फाइनल टेस्टिंग शुरू कर दी है।

Uttarakhand Livein Registration Portal
Uttarakhand Livein Registration Portal

पोर्टल का ट्रायल अंतिम चरण में, मार्च में होगा लाइव

UCC के प्रावधानों को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार एक डेडिकेटेड ऑनलाइन पोर्टल तैयार करवा रही है। IT विभाग के विशेषज्ञ वर्तमान में पोर्टल के सर्वर लोड, डेटा सिक्योरिटी (Data Security) और यूजर इंटरफेस (User Interface) की गहन जांच कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के दौरान आम जनता को किसी तकनीकी खामी का सामना न करना पड़े। टेस्टिंग सफल होने के बाद, पूरी संभावना है कि मार्च के पहले सप्ताह में इस पोर्टल को आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर लाइव कर दिया जाएगा।

बिना रजिस्ट्रेशन के रहना पड़ेगा भारी: क्या हैं नियम?

उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर इतने सख्त और स्पष्ट कानूनी प्रावधान किए गए हैं। पोर्टल के लाइव होने के बाद, राज्य में लिव-इन में रह रहे सभी जोड़ों के लिए अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य हो जाएगा। जो जोड़े बिना रजिस्ट्रेशन के लिव-इन में रहते हुए पाए जाएंगे, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UCC कानून के तहत ऐसे मामलों में भारी जुर्माना लगाने और सजा का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। सरकार का तर्क है कि इस अनिवार्य पंजीकरण से न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि रिश्तों में जवाबदेही (Accountability) भी तय होगी।

कैसे काम करेगा पोर्टल?

  • ऑनलाइन आवेदन: लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को इस वेब पोर्टल पर जाकर अपनी बुनियादी जानकारी (आधार कार्ड, उम्र का प्रमाण आदि) दर्ज करनी होगी।
  • रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापन: आवेदन मिलने के बाद, नियुक्त किए गए स्थानीय रजिस्ट्रार द्वारा उस जानकारी का सत्यापन (Verification) किया जाएगा।
  • सर्टिफिकेट: सत्यापन पूरा होने के बाद जोड़े को लिव-इन रिलेशनशिप का एक आधिकारिक सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) जारी किया जाएगा।

उत्तराखंड सरकार का यह कदम देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें मार्च के पहले सप्ताह पर टिकी हैं, जब यह पोर्टल विधिवत रूप से काम करना शुरू कर देगा।

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