देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। वर्तमान में राज्य में पांच सरकारी और चार निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें एमबीबीएस (MBBS) और पीजी (PG) दोनों स्तरों पर प्रवेश होता है। इसके साथ ही नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों में भी सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में जल्द खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
राज्य गठन के बाद से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगातार कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब चिकित्सा शिक्षा की स्थिति कमजोर थी और चिकित्सक बनने के इच्छुक छात्रों को अन्य राज्यों की ओर रुख करना पड़ता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल रही है। Uttarakhand News
सरकार ने रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कॉलेजों के शुरू होने के बाद राज्य में हर जिले में चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
राज्य में नौ मेडिकल कॉलेज संचालित
वर्तमान में उत्तराखंड में पांच सरकारी और चार निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर (गढ़वाल), हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा और हरिद्वार में हैं। इन कॉलेजों में हर वर्ष 625 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाता है और 238 से अधिक पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटें उपलब्ध हैं। Uttarakhand News
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “लक्ष्य है कि राज्य के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए। वर्तमान में सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर राज्य में लगभग 1325 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।”


