Rishikesh News: उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल Subodh Uniyal ने Rishikesh स्थित सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर डॉक्टरों और अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि बिना आवश्यकता मरीजों को रेफर करने की प्रवृत्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों को रेफरल सेंटर नहीं बनने दिया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
इमरजेंसी वार्ड का किया निरीक्षण
स्वास्थ्य मंत्री देर शाम अचानक अस्पताल पहुंचे और सीधे इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी पर बढ़ते मरीजों के दबाव का उन्होंने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर ही अधिकतम उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को रेफर करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
जच्चा-बच्चा वार्ड में मरीजों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती महिलाओं से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
हालांकि निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालय में एक खराब पाइप मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि छोटी-छोटी लापरवाही भी भविष्य में स्वीकार नहीं की जाएगी।
गढ़वाली में संवाद कर सुनी मरीजों की समस्याएं
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल मरीजों से गढ़वाली भाषा में संवाद करते हुए भी नजर आए। इससे मरीजों ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिले और अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने दोहराया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है और अनावश्यक रेफरल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


