नई टिहरी: उत्तराखंड सरकार की ‘जन-जन की सरकार’ मुहिम का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की विशेष पहल पर टिहरी गढ़वाल में दिव्यांगजनों के लिए एक ऐतिहासिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय के बौराड़ी स्थित प्रताप इंटर कॉलेज में समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में 309 दिव्यांगजनों ने पंजीकरण कराया और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया।

क्यों पड़ी इस विशेष शिविर की जरूरत?
जिले में आयोजित हो रहे ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रमों के दौरान प्रशासन के संज्ञान में आया था कि कई दिव्यांगजन जानकारी या पहुंच के अभाव में जरूरी प्रमाण पत्रों और सहायक उपकरणों से वंचित रह गए हैं। इसी को देखते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएं।
एक ही छत के नीचे मिला पूरा समाधान
इस एक दिवसीय शिविर में प्रशासन ने दिव्यांगजनों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा: मौके पर ही मनोवैज्ञानिक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन मौजूद रहे जिन्होंने जांच कर तुरंत परामर्श दिया। शिविर में 120 लोगों के मौके पर ही प्रमाण पत्र बनाए गए और 15 लोगों के आधार कार्ड तैयार किए गए।

उपकरण पाकर खिले चेहरे
शिविर में कुल 112 लोगों को सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिससे उनके जीवन की राह आसान होगी:
- कृत्रिम अंग/उपकरण: 56 लोग
- छड़ी: 24 लोग
- श्रवण यंत्र (Hearing Aid): 20 लोग
- व्हीलचेयर: 10 लोग
- वॉकर और बैसाखी: 1-1 व्यक्ति

घर से लाने-ले जाने की भी थी व्यवस्था
प्रशासन की संवेदनशीलता इस बात से दिखी कि दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने सभी विकासखंडों से 11-सीटर वाहनों की नि:शुल्क व्यवस्था की थी। साथ ही हर ब्लॉक के लिए नोडल अधिकारी तैनात थे, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी लाभार्थी को कोई दिक्कत न हो।
यह शिविर साबित करता है कि जब प्रशासन और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचना निश्चित है।


