मसूरी/देहरादून: ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी (Queen of Hills) की वादियों में घूमने का अनुभव अब और भी आरामदायक और यादगार होने वाला है। पर्यटकों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मसूरी में आधुनिक गोल्फ कार्ट (Golf Carts) संचालित करने का बड़ा फैसला लिया है। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रिक्शा चालकों के जीवन स्तर को सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

REC फाउंडेशन के साथ होगा समझौता (MoU)
मसूरी में प्रदूषण मुक्त और सुगम यातायात व्यवस्था लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने आरईसी फाउंडेशन (REC Foundation) के साथ हाथ मिलाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस महत्वकांक्षी परियोजना के लिए इसी महीने प्रशासन और फाउंडेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के बाद जल्द ही मसूरी की सड़कों पर ये पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी।
किन्हें मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
मसूरी की माल रोड (Mall Road) और अन्य पर्यटन स्थलों पर अक्सर खड़ी चढ़ाई और लंबी दूरी के कारण पर्यटकों को पैदल चलने में कठिनाई होती है। इस सेवा का सबसे बड़ा लाभ उन बुजुर्गों और दिव्यांग पर्यटकों को मिलेगा, जो शारीरिक अक्षमता के कारण मसूरी की खूबसूरती का पूरा लुत्फ नहीं उठा पाते थे। छोटे बच्चों के साथ आए परिवारों के लिए भी यह एक सुविधाजनक विकल्प होगा।
रिक्शा चालकों की आय में होगी बढ़ोतरी
इस योजना का सामाजिक पहलू बेहद सकारात्मक है। अब तक मसूरी में हाथ से खींचने वाले रिक्शों का चलन रहा है, जिसमें चालकों को कड़ी शारीरिक मेहनत करनी पड़ती थी। नई योजना के तहत:
- स्थानीय रिक्शा चालकों को ही इन गोल्फ कार्ट्स के संचालन से जोड़ा जाएगा।
- हाथ रिक्शा की जगह आधुनिक इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट आने से उनकी शारीरिक मेहनत कम होगी।
- तेज और बेहतर सेवा देने के कारण उनकी दैनिक आय में वृद्धि होने की पूरी उम्मीद है।

ईको-फ्रेंडली टूरिज्म की ओर एक कदम
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मसूरी जैसे हिल स्टेशन पर पेट्रोल-डीजल वाहनों का दबाव कम करना जरूरी है। ये गोल्फ कार्ट्स पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे न तो शोर होगा और न ही धुआं। यह कदम मसूरी के पर्यावरण संरक्षण और ‘ग्रीन टूरिज्म’ को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।


