देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में अगले साल यानी 2027 में आयोजित होने वाले ‘महाकुंभ’ (Kumbh Mela 2027) को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महाकुंभ न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय आयोजन होगा। इसी कड़ी में 21 फरवरी को मुख्यमंत्री धामी ने सचिवालय में शासन और मेला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
‘दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक’ होगा कुंभ 2027
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कुंभ के स्वरूप और विजन को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 2027 का हरिद्वार कुंभ पूरी तरह से ‘दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक’ होना चाहिए। इसके लिए केवल बुनियादी ढांचे का विकास ही काफी नहीं है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को एक सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव भी होना चाहिए।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और निर्माण कार्यों पर सख्त निर्देश
कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर सबसे अहम जरूरत है। सीएम धामी ने लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई, नगर विकास और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्माण और अवस्थापना (Infrastructure) से जुड़े सभी कार्य एक तय समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण, पुलों की मरम्मत, घाटों के सौंदर्यीकरण और बिजली-पानी की व्यवस्था के कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काम में देरी करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और व्यवस्था का खाका तैयार
कुंभ जैसे विशाल आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की होती है। बैठक के बाद मेला प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस विभाग ने सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। संपूर्ण मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन्स और सेक्टर्स में बांटकर पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक डायवर्जन, और आपातकालीन निकासी मार्गों (Emergency Exit Routes) का खाका तैयार किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक, जैसे ड्रोन सर्विलांस और AI-आधारित सीसीटीवी कैमरों का भी इस बार बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा।

हरिद्वार का होगा कायाकल्प
राज्य सरकार का लक्ष्य इस महाकुंभ के बहाने हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों का स्थायी कायाकल्प करना है। पार्किंग स्थलों का विस्तारीकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं का अपग्रेडेशन और स्वच्छता के लिए विशेष ‘स्वच्छ कुंभ’ अभियान भी चलाए जाएंगे।
इस बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि धामी सरकार ‘कुंभ 2027’ को उत्तराखंड पर्यटन और आस्था के एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है।


