देहरादून (प्रदीप शाह): हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमिता द्वारा संपादित पुस्तक “हंसती मिटती नहीं उनकी एक कारवां जो बढ़ता रहा” का विमोचन देहरादून में आयोजित पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान किया गया।

यह पुस्तक मीडिया जगत की प्रतिष्ठित हस्ती, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश के शिक्षाविद् और जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश की पत्रिका ‘माध्यम’ के संपादक रहे स्वर्गीय प्रो. पुष्पेन्द्र पाल सिंह के प्रेरणादायक जीवन और योगदान पर केंद्रित है।

प्रो. पुष्पेन्द्र पाल सिंह के जीवन और विचारों पर आधारित पुस्तक
पुस्तक में प्रो. पुष्पेन्द्र पाल सिंह के उस व्यक्तित्व को रेखांकित किया गया है, जिन्होंने अव्यवस्था के विरुद्ध सदैव एक सशक्त और अनुशासित व्यवस्था स्थापित की। मीडिया जगत की शायद ही कोई ऐसी संस्था हो, जहाँ उनके शिष्य कार्यरत न हों। विद्यार्थियों के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति समर्पण उन्हें शिक्षा जगत की एक मिसाल बनाता है।

PRSI की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हुआ विमोचन
देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित यह राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “विकसित भारत 2047: इमर्जिंग ग्रोथ, प्रिज़र्विंग रूट्स” विषय पर केंद्रित रही। रविवार, 14 दिसंबर को पुस्तक का विमोचन, PRSI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक, मास्को स्थित एकोस के डिप्टी चेयरमैन, जनरल डायरेक्टर एवं पार्टनर-को-फाउंडर डॉ. मिशेल मास्लोव, PRSI पूर्व क्षेत्र की उपाध्यक्ष अनु मजूमदार
द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर PRSI पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष एस. पी. सिंह भी मंचासीन रहे।
प्रख्यात विद्वानों और चिंतकों का योगदान
इस पुस्तक में देश के कई प्रतिष्ठित विद्वानों और चिंतकों ने लेखन के माध्यम से योगदान दिया है, जिनमें यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी.पी. सिंह, सामाजिक चिंतक एवं प्रख्यात गांधीवादी रघु ठाकुर, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार गिरिजा शंकर, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी
प्रमुख हैं।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह कृति न केवल प्रो. पुष्पेन्द्र पाल सिंह को श्रद्धांजलि है, बल्कि पत्रकारिता और जनसंचार के विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।


