चारधाम यात्रा 2026: 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट, जाने पूरी जानकारी

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देहरादून/रुद्रप्रयाग | 18 फरवरी, 2026

विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेंगे कपाट

परंपरा के अनुसार, इस वर्ष बाबा केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल 2026 (बुधवार) को सुबह 8:00 बजे मेष लग्न में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बाबा की पूजा-अर्चना धाम में ही संपन्न होगी।

Chardham Yatra 2026
Chardham Yatra 2026

डोली प्रस्थान का कार्यक्रम

बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति की डोली के धाम प्रस्थान का कार्यक्रम भी तय हो गया है:

  • 18 अप्रैल: उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान की विशेष पूजा।
  • 19 अप्रैल: डोली उखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी।
  • 20 अप्रैल: डोली का अगला पड़ाव फाटा होगा।
  • 21 अप्रैल: भगवान की डोली गौरीकुंड पहुंचेगी।
  • 22 अप्रैल: सुबह डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी और विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे।

चारधाम यात्रा 2026 का पूरा कैलेंडर

केदारनाथ के साथ ही अन्य धामों के कपाट खुलने की तिथियां भी लगभग स्पष्ट हो चुकी हैं:

  • गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया के दिन)।
  • बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026 (सुबह 6:15 बजे)।

पंजीकरण (Registration) के नए नियम

इस साल चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने पंजीकरण प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

  1. रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी। श्रद्धालु registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं।
  2. नया शुल्क नियम: रिपोर्टों के अनुसार, फर्जी रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए इस बार सरकार मामूली पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) लागू करने पर विचार कर रही है।
  3. स्लॉट बुकिंग: भीड़ नियंत्रण के लिए प्रतिदिन के दर्शनार्थियों की संख्या सीमित रखी जा सकती है।

तैयारियां तेज

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा को सुगम बनाने के लिए पैदल मार्ग की मरम्मत, बिजली-पानी की व्यवस्था और घोड़े-खच्चरों के लिए सुविधाओं का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस वर्ष यात्रा पिछले साल की तुलना में करीब 10 दिन पहले शुरू हो रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

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