पौड़ी गढ़वाल: सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्यूंकालेश्वर, पौड़ी में मातृशक्ति के सम्मान और जागरण को समर्पित “सप्त शक्ति संगम” कार्यक्रम बड़े उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” की पावन भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका, शक्ति और सामाजिक योगदान पर विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती सुनीता मैठाणी (अध्यापिका, राजकीय विद्यालय) ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सारंगादेश असीम, निदेशक — सारंग एजुकेशनल ग्रुप, कवियित्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार, ने वर्चुअली मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों द्वारा मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।

मुख्य वक्ता डॉ. प्रीति डिमरी का प्रेरक संबोधन
मुख्य वक्ता डॉ. प्रीति डिमरी, एसोसिएट प्रोफेसर (कंप्यूटर एप्लीकेशन), जी.बी. पंत इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी संस्थान, घुड़दौड़ी, ने “कुटुंब प्रबोधन” विषय पर विचार रखते हुए कहा कि नारी में श्री:, वाक्, कीर्ति, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा जैसी सात शक्तियाँ विद्यमान हैं।
उन्होंने कहा कि इन शक्तियों को पहचानकर और विकसित कर महिलाएं समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
डॉ. डिमरी ने मातृशक्ति से सप्ताह में एक बार परिवार के साथ भजन, सत्संग और संवाद करने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य और दिनचर्या पर डॉ. ऋतु जखमोला का मार्गदर्शन
द्वितीय वक्ता डॉ. ऋतु जखमोला, चिकित्साधिकारी — राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पौड़ी, ने महिलाओं को अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ दिनचर्या, संतुलित खान-पान और नियमित योगाभ्यास अपनाने पर जोर दिया।

कविता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और प्रतियोगिता
बहन नेहा रावत ने नारी की वर्तमान स्थिति पर संवेदनशील कविता प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित मातृशक्ति ने सराहा।
विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

90 मातृशक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन संयोजिकाएँ कविता बिष्ट और प्रीति बिष्ट ने किया।
इस अवसर पर लगभग 90 मातृशक्तियों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया।
प्रधानाचार्य का धन्यवाद ज्ञापन
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दलीप सिंह ने सभी माताओं, अतिथियों और आयोजकों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। मातृशक्ति के जागरण, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से ओत-प्रोत यह कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक सिद्ध हुआ।


